# Vedic Math Notes In Hindi Free PDF

Vedic Math is a set of mathematical techniques derived from ancient Indian scriptures called the Vedas. These techniques are based on mental calculations and can be used to solve complex mathematical problems quickly and accurately.

Vedic Math has gained a lot of importance in exams due to its ability to help students solve problems quickly and accurately, which is particularly useful in timed exams where speed and accuracy are essential. By using Vedic Math techniques, students can solve mathematical problems more efficiently, saving time that can be used to attempt more questions or to revise their answers.

Moreover, Vedic Math techniques are often simpler and more intuitive than traditional mathematical methods, making them easier to remember and apply. This can be particularly useful for students who struggle with traditional math methods or find it challenging to remember formulas.

In summary, Vedic Math can be a valuable tool for students preparing for exams. Its ability to simplify complex problems, improve speed and accuracy, and provide alternative methods for solving mathematical problems can help students perform better in exams.

### Vedic Math Notes Topics:-

1. एकाधिकेन पूर्वेण

2. निखिलं नवतश्चरमं दशतः

3. ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्

4. परावर्त्य योजयेत्

5. शून्यं साम्यसमुच्चये

6. (आनुरूप्ये) शून्यमन्यत्

7. संकलनव्यवकलनाभ्याम्

8. पूरणापूरणाभ्याम्

9. चलनकलनाभ्याम्

10. यावदूनम्

11. व्यष्टिसमष्टिः

12. शेषाण्यंकेन चरमेण

13. सोपान्त्यद्वयमन्त्च्यम्

14. एकन्यूनेन पूर्वेण

15. गुणितसमुच्चयः

16. गुणकसमुच्चयः

### Vedic Math Notes Question Answers:-

प्रश्न:1.क्या वैदिक गणित उपयोगी है? (Is Vedic maths useful?):

उत्तर:वैदिक गणित के ये हैं लाभ: यह व्यक्ति को गणितीय समस्याओं को कई गुना तेजी से हल करने में मदद करता है।यह सरल और जटिल दोनों प्रकार की समस्याओं के लिए बुद्धिमान निर्णय लेने में मदद करता है।यह कठिन अवधारणाओं को याद रखने के बोझ (burden) को कम करता है।

प्रश्न:2.उदाहरण के साथ वैदिक गणित क्या है? (What is Vedic Maths with examples?):

उत्तर:वैदिक गणित गणितीय अंकगणित को आसान और तेज़ तरीके से हल करने के लिए तकनीकों/सूत्रों का एक संग्रह है।इसमें 16 सूत्र (सूत्र) और 13 उप-सूत्र (उप सूत्र) शामिल हैं जिनका उपयोग अंकगणित (arithmetic),बीजगणित (algebra),ज्यामिति (geometry),कलन (calculus),शंकु (conics) में शामिल समस्याओं के लिए किया जा सकता है।

प्रश्न:3.वैदिक सूत्र क्या है? (What is Vedic formula?):

उत्तर:इसमें 29 वैदिक गणित सूत्र हैं,जो वेद नामक प्राचीन भारतीय लिपियों (Scripts) पर आधारित गणितीय अवधारणा हैं।वैदिक गणित की पुस्तक पुजारी भारती कृष्ण तीर्थजी )(Priest Bharati Krishna Tirthaji) द्वारा लिखी गई थी और पहली बार 1965 में प्रकाशित हुई थी।वैदिक गणित में 16 सूत्र (सूत्र) और 13 उप-सूत्र (उप-सूत्र) शामिल हैं।

प्रश्न:4.क्या वैदिक गणित कठिन है? (Is Vedic maths difficult?):

उत्तर:यह गणित की समस्याओं को आसान और तेज़ तरीके से हल करने की तकनीकों का एक संग्रह है।वैदिक विधियों से ‘कठिन’ समस्या या लंबे योग का तुरंत समाधान किया जा सकता है।वैदिक गणित की सरलता का अर्थ है कि गणना मानसिक रूप से की जा सकती है।

प्रश्न:5.वैदिक गणित की खोज किसने की? (Who found Vedic Maths?):

उत्तर:भारती कृष्ण तीर्थ (Bharati Krishna Tirtha)

वैदिक गणित भारतीय भिक्षु भारती कृष्ण तीर्थ (Indian monk Bharati Krishna Tirtha) द्वारा लिखित एक पुस्तक है और पहली बार 1965 में प्रकाशित हुई थी।इसमें गणितीय तकनीकों की एक सूची है,जिसके बारे में लेखक ने दावा किया था कि वे वेदों से प्राप्त की गई थीं और माना जाता है कि इसमें सभी गणितीय ज्ञान शामिल हैं।

प्रश्न:6.मैं वैदिक गणित कैसे करूं? (How do I do Vedic Maths?):

उत्तर:तो यहाँ 8 वैदिक गणित की तरकीबें हैं जिनके बारे में मैं बात कर रहा था:

एक संख्या का वर्ग जिसका इकाई अंक 5 है।

किसी संख्या को 5 से गुणा करें।

विचलन ज्ञात करने के लिए 1000,10000,100000 से घटाना।

किसी भी 2-अंकीय संख्याओं का गुणन (11 – 19)

एक बड़ी संख्या को 5 से भाग देने पर

किसी भी दो अंकों की संख्या को 11 से गुणा करें।

किसी भी तीन अंकों की संख्या का गुणन।

उपर्युक्त सभी क्रियाएं वैदिक गणित में बहुत तेज गति से की जा सकती हैं।

प्रश्न:7.वैदिक गणित सीखने की सही उम्र क्या है? (What is the right age to learn Vedic Maths?):

उत्तर:अबेकस (Abacus) सीखने की आयु 5 से 14 वर्ष के बीच है और वैदिक गणित सीखने के लिए न्यूनतम आयु 10 वर्ष है।

प्रश्न:8.वैदिक गणित के जनक कौन है ? (Who is the father of Vedic mathematics?):

उत्तर:जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ महाराज (Jagadguru Shankaracharya Swami Bharati Krishna Tirtha Maharaja)

भारती कृष्ण तीर्थ

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ महाराज

जन्म:वेंकटरमण शास्त्री (Venkataraman Shastri) 14 मार्च 1884 तिरुनेलवेली (Tirunelveli),मद्रास प्रेसीडेंसी (Madras Presidency),ब्रिटिश भारत (वर्तमान तमिलनाडु,भारत) [British India (present-day Tamil Nadu, India)]

मृत्यु:2 फरवरी 1960

उल्लेखनीय कार्य वैदिक गणित

माता-पिता पी.नरसिम्हा शास्त्री (पिता) [P. Narasimha Shastri (father)]

प्रश्न:9.वैदिक गणित को अंग्रेजी में क्या कहते हैं? (What is Vedic maths called in English?):

उत्तर:”वैदिक गणित” 16 सूत्रों (Sutras) या सूत्र के एक सेट (aphorisms) के आधार पर गणना की एक तकनीक को संदर्भित करता है जो कि एल्गोरिदम और उनके उप-सूत्र (upa-sutras) या इन सूत्रों से प्राप्त उप-सूत्र (corollaries) हैं।इसके उत्साही इस दावे को आगे बढ़ाते हैं कि इन सूत्रों से किसी भी गणितीय समस्या को मानसिक रूप से हल किया जा सकता है।

प्रश्न:10.वैदिक गणित का अनुप्रयोग क्या है? (What is the application of Vedic Maths?):

उत्तर:वैदिक गणित अंकगणितीय संगणनाओं (Arithmetical computations),संख्याओं के सिद्धांत (theory of numbers),संयुक्त गुणन (compound multiplications),बीजीय संक्रियाओं (algebraic operations),गुणनखंडों(factorisations),सरल द्विघात और उच्च कोटि के समीकरणों (simple quadratic and higher order equations),युगपत द्विघात समीकरणों (simultaneous quadratic equations),आंशिक भिन्नों (partial fractions),कलन (calculus),वर्गमूल (squaring),घन (cubing),वर्गमूल (square root), घनमूल (cube root) के अद्भुत अनुप्रयोगों का परिचय देता है।

प्रश्न:11.वैदिक गणित क्या है और इसके क्या फायदे हैं? (What is Vedic maths and its benefits?):

उत्तर:वैदिक गणित की सरलता का अर्थ है कि गणना मानसिक रूप से की जा सकती है।वैदिक गणित के कई फायदे हैं: यह बड़ी मात्रा में जानकारी को याद रखने के भार को कम करता है क्योंकि इसके लिए आपको केवल 9 तक की टेबल सीखने की आवश्यकता होती है।पारंपरिक पद्धति की तुलना में,यह तेजी से गणना करने में सक्षम बनाता है।

प्रश्न:12.क्या वैदिक गणित वास्तविक है? (Is Vedic math real?):

उत्तर:कहीं भी नहीं।वैदिक गणित का वेदों से कोई संबंध नहीं है।यह वास्तव में भारती कृष्ण तीर्थ द्वारा भ्रामक रूप से वैदिक गणित शीर्षक वाली पुस्तक से उत्पन्न हुई है। अफसोस की बात है कि “वैदिक गणित” के पैरोकार, हालांकि वे भारतीय परंपरा को चैंपियन (champion Indian tradition) बनाने का दावा करते हैं,वेदों में वास्तविक परंपरा से अनभिज्ञ हैं।

प्रश्न:13.क्या बच्चों के लिए वैदिक गणित अच्छा है? (Is Vedic math good for kids?):

उत्तर:वैदिक गणित में महारत हासिल करने से बच्चों को तेजी से गणना करने में मदद मिल सकती है,जो दैनिक जीवन के साथ-साथ तनावपूर्ण परीक्षाओं में भी उपयोगी हो सकता है।वैदिक गणित प्रणाली बच्चों के लिए जोड़,घटाव, गुणा और भाग जैसी सरल संख्यात्मक समस्याओं को हल करना आसान बनाती है।

प्रश्न:14.स्कूलों में वैदिक गणित क्यों नहीं पढ़ाया जाता? (Why Vedic maths is not taught in schools?):

उत्तर:गणित के प्रति अरुचि के पीछे सबसे बड़ा कारण स्कूलों में इसे पढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नीरस (monotonous) और सूखे तरीके (dry methods) हैं।यह मज़ेदार नहीं है और शिक्षक अक्सर इसे जटिल बना देते (overcomplicate) हैं।

प्रश्न:15.मैं वैदिक गणित कहाँ से सीख सकता हूँ? (Where can I learn Vedic Maths?):

उत्तर:वैदिक मैथ्स फोरम इंडिया (The Vedic Maths Forum India) लाइव इंटरेक्टिव ऑनलाइन क्लासेस (Live interactive Online Classes) के माध्यम से 8 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के छात्रों के लिए 10 गुना तेजी से गणित सीखने का स्थान है।

प्रश्न:16.वैदिक गणित का दूसरा नाम क्या है? (What is the other name of Vedic Maths?):

उत्तर:वैदिक गणित वेदों से आता है,विशेष रूप से अथर्ववेद (Atharva Veda) से।इसे 1911 और 1918 के बीच भारतीय गणितज्ञ जगद्गुरु श्री भारती कृष्ण तीर्थजी (Indian mathematician Jagadguru Shri Bharati Krishna Tirthaji) द्वारा पुनर्जीवित किया गया था।

प्रश्न:17.गणित का संबंध किस वेद से है? (Which Veda is related to mathematics?):

उत्तर:अथर्ववेद (Atharva Veda)

कृष्ण तीर्थ को 16 गणितीय सूत्रों की खोज का श्रेय दिया जाता है जो चार वेदों में से एक,अथर्ववेद के परिशिष्ठ (परिशिष्ट) का हिस्सा थे।तीर्थ के सरल सूत्र जटिल गणितीय गणनाओं को संभव बनाते हैं।

प्रश्न:18.वैदिक का क्या अर्थ है? (What does Vedic mean?):

उत्तर:वेदों से संबंधित,जिस भाषा में वे लिखे गए हैं या हिंदू इतिहास और संस्कृति 1500 ई.पू. और 500 ई.पू.

प्रश्न:19.वैदिक गणित क्यों सीखना चाहिए? (Why should one learn Vedic Maths?):

उत्तर:दिमाग का एक हिस्सा दूसरे से ज्यादा सक्रिय होता है।  विश्लेषणात्मक कौशल (analytical skills) वाले लोगों को वाम-दिमाग (left-brained) वाला कहा जाता है और रचनात्मक कौशल (creative skills) वाले लोग दाएं-दिमाग (right-brained) वाले होते हैं।वैदिक गणित न केवल बच्चे को एकाग्रता बनाने में मदद करेगा बल्कि उसकी रचनात्मक (creative) और तार्किक (logical instincts) दोनों प्रवृत्तियों को विकसित करने में भी मदद करेगा।

प्रश्न:20.वैदिक गणित आधुनिक गणित के लिए किस प्रकार सहायक है? (How is Vedic maths helpful to modern maths?):

उत्तर:वैदिक गणित तेज और सटीक मानसिक गणना में मदद करता है।इसके द्वारा 16 सूत्र और 13 उप सूत्र।कोई भी योग (addition),भाग (division),गुणा (multiplication),बीजगणित (algebra),त्रिकोणमिति (trigonometry),वर्ग (square),वर्गमूल (square root),घन (cube),घनमूल (cube root) के किसी भी कठिन समीकरण को मानसिक गणना से ही हल किया जा सकता है।आज का युग सबसे तेजी से बढ़ने वाला और कभी बदलने वाला युग है।

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